ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 88.3ऋग्वेद 8.3इन्द्र॒ त्वोता॑स॒ आ व॒यं वज्रं॑ घ॒ना द॑दीमहि। जये॑म॒ सं यु॒धि स्पृध॑ः ॥३॥पिछलाअगलापूरा अध्याय