ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 3737.4ऋग्वेद 37.4प्र व॒ः शर्धा॑य॒ घृष्व॑ये त्वे॒षद्यु॑म्नाय शु॒ष्मिणे॑ । दे॒वत्तं॒ ब्रह्म॑ गायत ॥४॥पिछलाअगलापूरा अध्याय