ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 2525.12ऋग्वेद 25.12स नो॑ वि॒श्वाहा॑ सु॒क्रतु॑रादि॒त्यः सु॒पथा॑ करत् । प्र ण॒ आयूं॑षि तारिषत् ॥१२॥पिछलाअगलापूरा अध्याय