ग्रंथऋग्वेदमण्डल 1सूक्त 2525.10ऋग्वेद 25.10नि ष॑साद धृ॒तव्र॑तो॒ वरु॑णः प॒स्त्या॒३स्वा । साम्रा॑ज्याय सु॒क्रतु॑ः ॥१०॥पिछलाअगलापूरा अध्याय