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ऋग्वेद 175.4

मु॒षा॒य सूर्यं॑ कवे च॒क्रमीशा॑न॒ ओज॑सा । वह॒ शुष्णा॑य व॒धं कुत्सं॒ वात॒स्याश्वै॑ः ॥४॥

पूरा अध्याय