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ऋग्वेद 149.5

अ॒यं स होता॒ यो द्वि॒जन्मा॒ विश्वा॑ द॒धे वार्या॑णि श्रव॒स्या ।
मर्तो॒ यो अ॑स्मै सु॒तुको॑ द॒दाश॑ ॥५॥

पूरा अध्याय