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ऋग्वेद 149.4

अ॒भि द्वि॒जन्मा॒ त्री रो॑च॒नानि॒ विश्वा॒ रजां॑सि शुशुचा॒नो अ॑स्थात् ।
होता॒ यजि॑ष्ठो अ॒पां स॒धस्थ॑श ॥४॥

पूरा अध्याय