ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 9797.2श्रीरामचरितमानस 97.2प्रथम जन्म के चरित अब कहउँ सुनहु बिहगेस। सुनि प्रभु पद रति उपजइ जातें मिटहिं कलेस ॥96(क)॥पिछलाअगलापूरा अध्याय