ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 9292.2श्रीरामचरितमानस 92.2मरुत कोटि सत बिपुल बल रबि सत कोटि प्रकास। ससि सत कोटि सुसीतल समन सकल भव त्रास ॥91(क)॥पिछलाअगलापूरा अध्याय