ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 9191.3श्रीरामचरितमानस 91.3अस बिचारि मतिधीर तजि कुतर्क संसय सकल। भजहु राम रघुबीर करुनाकर सुंदर सुखद ॥90(ख)॥पिछलापूरा अध्याय