ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 8383.3श्रीरामचरितमानस 83.3सोइ लरिकाई मो सन करन लगे पुनि राम। कोटि भाँति समुझावउँ मनु न लहइ बिश्राम ॥82(ख)॥पिछलापूरा अध्याय