ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 7979.2श्रीरामचरितमानस 79.2रामचंद्र के भजन बिनु जो चह पद निर्बान। ग्यानवंत अपि सो नर पसु बिनु पूँछ बिषान ॥78(क)॥पिछलाअगलापूरा अध्याय