ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 1515.12श्रीरामचरितमानस 15.12बरनि उमापति राम गुन हरषि गए कैलास। तब प्रभु कपिन्ह दिवाए सब बिधि सुखप्रद बास ॥14(ख)॥पिछलापूरा अध्याय