ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 125125.3श्रीरामचरितमानस 125.3सुनि भुसुंडि के बचन सुभ देखि राम पद नेह। बोलेउ प्रेम सहित गिरा गरुड़ बिगत संदेह ॥124(ख)॥पिछलापूरा अध्याय