ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 119119.3श्रीरामचरितमानस 119.3कहत कठिन समुझत कठिन साधन कठिन बिबेक। होइ घुनाच्छर न्याय जौं पुनि प्रत्यूह अनेक ॥118(ख)॥पिछलापूरा अध्याय