ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 118118.4श्रीरामचरितमानस 118.4तीनि अवस्था तीनि गुन तेहि कपास तें काढ़ि। तूल तुरीय सँवारि पुनि बाती करै सुगाढ़ि ॥117(ग)॥पिछलाअगलापूरा अध्याय