ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 109109.6श्रीरामचरितमानस 109.6संकर दीनदयाल अब एहि पर होहु कृपाल। साप अनुग्रह होइ जेहिं नाथ थोरेहीं काल ॥108(घ)॥पिछलापूरा अध्याय