ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 100100.3श्रीरामचरितमानस 100.3बादहिं सूद्र द्विजन्ह सन हम तुम्ह ते कछु घाटि। जानइ ब्रह्म सो बिप्रबर आँखि देखावहिं डाटि ॥99(ख)॥पिछलापूरा अध्याय