ग्रंथश्रीरामचरितमानसउत्तरकाण्डदोहा 1010.3श्रीरामचरितमानस 10.3होहिं सगुन सुभ बिबिध बिधि बाजहिं गगन निसान। पुर नर नारि सनाथ करि भवन चले भगवान ॥9(ख)॥पिछलापूरा अध्याय