ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 5353.2श्रीरामचरितमानस 53.2आयसु मागि राम पहिं अंगदादि कपि साथ। लछिमन चले क्रुद्ध होइ बान सरासन हाथ ॥52॥पिछलापूरा अध्याय