ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 3232.3श्रीरामचरितमानस 32.3जिन्ह के बल कर गर्ब तोहि अइसे मनुज अनेक। खाहीं निसाचर दिवस निसि मूढ़ समुझु तजि टेक ॥31(ख)॥पिछलापूरा अध्याय