ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 120120.3श्रीरामचरितमानस 120.3जहँ जहँ कृपासिंधु बन कीन्ह बास बिश्राम। सकल देखाए जानकिहि कहे सबन्हि के नाम ॥119(ख)॥पिछलापूरा अध्याय