ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 114114.1श्रीरामचरितमानस 114.1जय राम सोभा धाम। दायक प्रनत बिश्राम।। धृत त्रोन बर सर चाप। भुजदंड प्रबल प्रताप ॥1॥अगलापूरा अध्याय