ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 110110.5श्रीरामचरितमानस 110.5जनकसुता समेत प्रभु सोभा अमित अपार। देखि भालु कपि हरषे जय रघुपति सुख सार ॥109(ख)॥पिछलापूरा अध्याय