ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 110110.4श्रीरामचरितमानस 110.4बरषहिं सुमन हरषि सुन बाजहिं गगन निसान। गावहिं किंनर सुरबधू नाचहिं चढ़ीं बिमान ॥109(क)॥पिछलाअगलापूरा अध्याय