ग्रंथश्रीरामचरितमानसलङ्काकाण्डदोहा 106106.2श्रीरामचरितमानस 106.2मंदोदरी आदि सब देइ तिलांजलि ताहि। भवन गई रघुपति गुन गन बरनत मन माहि ॥105॥पिछलापूरा अध्याय