Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 102.12

काटे सिर भुज बार बहु मरत न भट लंकेस।
प्रभु क्रीड़त सुर सिद्ध मुनि ब्याकुल देखि कलेस ॥101(ख)॥

पूरा अध्याय