ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 88.4श्रीरामचरितमानस 8.4जड़ चेतन जग जीव जत सकल राममय जानि। बंदउँ सब के पद कमल सदा जोरि जुग पानि ॥7(ग)॥पिछलाअगलापूरा अध्याय