ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 347347.2श्रीरामचरितमानस 347.2कनक थार भरि मंगलन्हि कमल करन्हि लिएँ मात। चलीं मुदित परिछनि करन पुलक पल्लवित गात ॥346॥पिछलापूरा अध्याय