ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 314314.2श्रीरामचरितमानस 314.2भाग्य बिभव अवधेस कर देखि देव ब्रह्मादि। लगे सराहन सहस मुख जानि जनम निज बादि ॥313॥पिछलापूरा अध्याय