ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 301301.2श्रीरामचरितमानस 301.2सब कें उर निर्भर हरषु पूरित पुलक सरीर। कबहिं देखिबे नयन भरि रामु लखनू दोउ बीर ॥300॥पिछलापूरा अध्याय