ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 3030.3श्रीरामचरितमानस 30.3राम निकाईं रावरी है सबही को नीक। जों यह साँची है सदा तौ नीको तुलसीक ॥29(ख)॥पिछलाअगलापूरा अध्याय