ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 291291.2श्रीरामचरितमानस 291.2कुसल प्रानप्रिय बंधु दोउ अहहिं कहहु केहिं देस। सुनि सनेह साने बचन बाची बहुरि नरेस ॥290॥पिछलापूरा अध्याय