ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 163163.2श्रीरामचरितमानस 163.2आदिसृष्टि उपजी जबहिं तब उतपति भै मोरि। नाम एकतनु हेतु तेहि देह न धरी बहोरि ॥162॥पिछलापूरा अध्याय