ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 161161.2श्रीरामचरितमानस 161.2कपट बोरि बानी मृदुल बोलेउ जुगुति समेत। नाम हमार भिखारि अब निर्धन रहित निकेति ॥160॥पिछलापूरा अध्याय