ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 160160.2श्रीरामचरितमानस 160.2निसा घोर गम्भीर बन पंथ न सुनहु सुजान। बसहु आजु अस जानि तुम्ह जाएहु होत बिहान ॥159(क)॥पिछलाअगलापूरा अध्याय