Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 153.2

यह इतिहास पुनीत अति उमहि कही बृषकेतु।
भरद्वाज सुनु अपर पुनि राम जनम कर हेतु ॥152॥

पूरा अध्याय