Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 145.2

एहि बिधि बीतें बरष षट सहस बारि आहार।
संबत सप्त सहस्त्र पुनि रहे समीर अधार ॥144॥

पूरा अध्याय