ग्रंथश्रीरामचरितमानसबालकाण्डदोहा 142142.2श्रीरामचरितमानस 142.2सो मैं तुम्ह सन कहउँ सबु सुनु मुनीस मन लाई।। राम कथा कलि मल हरनि मंगल करनि सुहाइ ॥141॥पिछलापूरा अध्याय