Utshovऐप डाउनलोड करें

श्रीरामचरितमानस 121.2

हिंयँ हरषे कामारि तब संकर सहज सुजान
बहु बिधि उमहि प्रसंसि पुनि बोले कृपानिधान ॥120(क)॥

पूरा अध्याय