Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 26.64

त्रिभुवनसृजमीश्वरेश्वरं; क इह पुमान्भवमाह्वयेद्युधि
मृगवधकलहे ऋतेऽर्जुना;त्सुरपतिवीर्यसमप्रभावतः

पूरा अध्याय