ग्रंथमहाभारतकर्णपर्वअध्याय 2626.63महाभारत 26.63यदुसदनमुपेन्द्रपालितं; त्रिदिवमिवामरराजरक्षितम् प्रसभमिह विलोक्य को हरे;त्पुरुषवरावरजामृतेऽर्जुनात्पिछलाअगलापूरा अध्याय