Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 18.64

अथान्यद्धनुरादाय द्रुपदस्यात्मजो बली
तिष्ठ तिष्ठेति संक्रुद्धो हार्दिक्यं प्रत्यभाषत

पूरा अध्याय