ग्रंथमहाभारतकर्णपर्वअध्याय 1818.63महाभारत 18.63कृतवर्मा तु संक्रुद्धो भित्त्वा षष्टिभिराशुगैः धनुरेकेन चिच्छेद हसन्राजन्महारथःपिछलाअगलापूरा अध्याय