ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 6666.35महाभारत 66.35तं चक्ररक्षौ पाञ्चाल्यौ युधामन्यूत्तमौजसौ अन्वयातां महात्मानौ विशन्तं तावकं बलम्पिछलाअगलापूरा अध्याय