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महाभारत 66.34

संजय उवाच
एवं ब्रुवाणो बीभत्सुर्जयद्रथवधोत्सुकः
त्वरायुक्तो महाबाहुस्तत्सैन्यं समुपाद्रवत्

पूरा अध्याय