ग्रंथमहाभारतद्रोणपर्वअध्याय 131131.97महाभारत 131.97विधम्य राक्षसान्बाणैः साश्वसूतरथान्विभुः ददाह भगवान्वह्निर्भूतानीव युगक्षयेपिछलाअगलापूरा अध्याय