ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 8787.27महाभारत 87.27तव च प्रियकामेन आश्रमस्था दुरात्मना सैन्धवेन परिक्लिष्टा परिभूय पितॄन्ममपिछलाअगलापूरा अध्याय