ग्रंथमहाभारतभीष्मपर्वअध्याय 8787.26महाभारत 87.26यच्चैव द्रौपदी कृष्णा एकवस्त्रा रजस्वला सभामानीय दुर्बुद्धे बहुधा क्लेशिता त्वयापिछलाअगलापूरा अध्याय