Utshovऐप डाउनलोड करें

महाभारत 46.14

उपयाय तु स क्षिप्रं रथात्प्रस्कन्द्य कुण्डली
प्रविवेश सभां पूर्णां महीपालैर्महात्मभिः

पूरा अध्याय